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क्रिप्टो के बारे में कुछ शब्द

क्रिप्टो के बारे में कुछ शब्द
bitcoin

क्रिप्टो क्या है? पर निबंध

दोस्तों, आज हम आपको क्रिप्टो से जुड़ी कुछ खास जानकारी ‘क्रिप्टो क्या है?’ विषय के निबंध के माध्यम से देने वाले हैं। बढ़ती आधुनिकता के साथ ही आपको आर्थिक क्षेत्र में होती आधुनिकता के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।

तो चलिए जानते हैं, ‘क्रिप्टो क्या है?’ विषय पर निबंध….

प्रस्तावना…..

क्रिप्टो एक डिजिटल तरह की करेंसी है, जिसे आमतौर पर क्रिप्टो करेंसी के नाम से जाना जाता है। इसमें डेटाबेस में सभी सूचनाओं को एनकोड करके सुरक्षित किया जाता है। क्रिप्टो करेंसी में किसी भी प्रकार की विश्वासपात्र किसी अन्य पार्टी का हस्तक्षेप नहीं होता है। सरल शब्दों में कहें तो केंद्रीय बैंक और प्राधिकरण क्रिप्टो की गतिविधियों से दूर रहते हैं इसीलिए इसकी वैधता को लेकर लोगों के मन में भय बना रहता है। क्रिप्टो करेंसी में किए गए लेनदेन को ब्लॉकचेन द्वारा सत्यापित किया जाता है।

क्रिप्टो करेंसी क्या है?

क्रिप्टो करेंसी शब्द की उत्पत्ति क्रिप्टो तथा करेंसी नामक दो लैटिन शब्दों के मिलने से होता है। क्रिप्टो शब्द क्रिप्टोग्राफी से बना है जिसका तात्पर्य होता है, छुपा हुआ तथा करेंसी शब्द “करेंसिआ” से बना है, जिसका अर्थ होता है रुपया या पैसा।
इस तरह से क्रिप्टोकरेंसी शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है, छुपा हुआ पैसा या डिजिटल पैसा। साधारण शब्दों में, क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की डिजिटल करेंसी है जिसे व्यक्ति अपने हाथों से नहीं छू सकता है। 2008 में सबसे पहली क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के रूप में आयी थी।

क्रिप्टो करंसी के कई प्रकार…

वर्तमान समय में विश्व में लगभग 13000 से भी अधिक क्रिप्टो करंसी प्रचलन में हैं। लेकिन इनमें से कुछ मुख्य इस प्रकार हैं –

  1. बिटकॉइन
  2. लाइट कोइन
  3. एथेरियम
  4. क्रेडानो
  5. रिपल
  6. डॉगकोइन आदि।

क्रिप्टो के लाभ

• क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन में किसी अन्य व्यक्ति अथवा संस्था की जरूरत नहीं पड़ती है।
• इसका सबसे बड़ा लाभ इसकी गोपनीयता है, जब तक जरूरी न हो तब तक इसमें सारी जानकारियों को गोपनीय रखा जाता है।
• इसमें किसी भी प्रकार के पहचान पत्र की आवश्यकता नहीं होती है।
• इसका इस्तेमाल बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के विश्व के किसी भी कोने से किया जा सकता है।
• ब्लॉकचेन प्रणाली पर आधारित होने के कारण इसमें लेनदेन आदि के विवरणों को ट्रैक करके भ्रष्टाचार को कम किया जा सकता है।
• यह प्रक्रिया पूर्ण रूप से इंटरनेट पर आधारित है।
• इस क्षेत्र में ब्लॉकचेन के इस्तेमाल से सैकड़ों अरब डॉलर की बचत की जा सकती है।
• इसमें बहुत ही कम खर्च में ही खरीद-बिक्री की जा सकती है।

क्रिप्टो में निवेश से पहले ध्यान देने योग्य बातें

क्रिप्टो एक अस्थिर करेंसी है जिसके चलते यह एक जोखिम से भरी करेंसी मानी जाती है। ऐसे में आपको क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने से पहले कुछ खास जानकारी अवश्य प्राप्त कर लेनी चाहिए।
• आपको क्रिप्टो से संबंधित श्वेत पत्र को भलीभांति पढ़ लेना चाहिए।
• विशेषज्ञों की मानें तो यदि आप क्रिप्टो करेंसी में निवेश करना चाहते हैं तो आपको नुकसान अवश्य उठाना पड़ सकता है। ऐसे में आपको नुकसान उठाने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए।
• क्रिप्टो करेंसी से संबंधित टीम का ट्रैक रिकॉर्ड
चेक कर लेना चाहिए।
• क्रिप्टो करेंसी से संबंधित जोखिमों की गणना कर लेनी चाहिए।

उपसंहार

वर्तमान में क्रिप्टो करेंसी के चलन से भविष्य में व्यापार और आर्थिक क्षेत्र में बड़ी प्रगति देखी जा सकती है। व्यापार कम खर्चीला और तीव्र गति से परिवर्तन के साथ आगे बढ़ सकता है लेकिन इसी के साथ हमें क्रिप्टो करेंसी के दुष्प्रभावों को भी नहीं भूलना चाहिए। गोपनीयता और मूल्य अस्थिरता जैसे दोषों के कारण हमें क्रिप्टो करेंसी पर निर्भर भी नहीं होना है। साथ ही यदि कोई क्रिप्टो करेंसी में निवेश करना चाहता है तो उससे पहले उसे इससे संबंधित समस्त जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक सलाह के अनुसार सरकार और जनता को क्रिप्टोकरंसी के क्षेत्र में कदम बढ़ाना चाहिए।

Crypto Currency: क्रिप्टो करेंसी क्या है, इसे कहां से खरीदें?

Crypto currency: आप अपनी मर्जी से किसी भी क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर सकते हैं, मगर निवेश करने से पहले उस डिजिटल करेंसी की हिस्ट्री, मौजूदा कीमत और पिछले कुछ महीनों में आए उतार-चढ़ाव के बारे में आवश्यक जानकारी हासिल करें ताकि निवेश से पहले आप उससे जुड़े हर प्रकार के जोखिम को भली-भांति समझ सकें

crypto currency prices Bitcoin, Ethereum, Terra, XRP

Crypto Currency पर ज्यादा रिटर्न मिलने के कारण स्कैम भी बढ़ गए है, ऐसे में निवेशकों को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है

  • क्रिप्टो करेंसी नेटवर्क पर आधारित डिजिटल मुद्रा है, जिसका डिस्ट्रीब्यूशन कंप्यूटरों के एक विशाल नेटवर्क के माध्यम से किया जाता है.
  • कंप्यूटर नेटवर्क और ब्लॉकचेन पर आधारित यह विकेंद्रीकृत संरचना क्रिप्टो करेंसी को सरकारों और किसी भी वित्तीय नियंत्रण से बाहर रखती है.
  • क्रिप्टो करेंसी के बारे वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लॉकचेन पर आधारित इस तकनीक के कारण दुनिया भर में फाइनेंशियल और कानूनी पेचीदगियां पैदा होंगी.
  • क्रिप्टो करेंसी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह अन्य परंपरागत मुद्राओं के मुकाबले में बेहद सस्ता और तेज मनी ट्रांसफर है.
  • क्रिप्टो करेंसी का सिस्टम डिसेंट्रलाइज होने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि किसी एक जगह से इस मुद्रा पर नेगेटिव असर नहीं होगा.
  • क्रिप्टो करेंसी की कुछ मुश्किलें भी हैं, जिनमें कीमत में होने वाला उतार-चढ़ाव, माइनिंग के लिए ऊर्जा की ज्यादा खपत और इसका आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल है.

ब्लॉकचेन की इसी खूबी की वजह से क्रिप्टो करेंसी के लेन-देन के लिये एक भरोसेमंद थर्ड पार्टी जैसे-बैंक की आवश्यकता नहीं पड़ती है. इस तरह से देखें तो ब्लॉकचेन एक टेक्नोलॉजी है जिसका लाभ आने वाले समय में वित्तीय क्षेत्र में सबसे ज्यादा होगा. उम्मीद की जा रही है कि ब्लॉकचेन की मदद से आने वाले समय में लेन-देनों की लागत में भी कमी आएगी. इससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी लेन-देन से भी छुटकारा मिलेगा.

क्रिप्टो करेंसी कितने प्रकार की होती है?
मौजूदा समय में क्रिप्टो करेंसी के बहुत सारे रूप हैं। यहां पर हम कुछ लोकप्रिय क्रिप्टो करेंसी की चर्चा कर रहे हैं. बिटकॉइन (Bitcoin) को दुनिया की सबसे पहली क्रिप्टो करेंसी माना जाता है. इसे सातोशी नाकामोतो ने 2009 में बनाया था. यह एक डि-सेंट्रलाइज़ करेंसी है, यानी कि इस पर किसी सरकार या संस्था का नियंत्रण नहीं है. कीमत में लगातार होने बढ़ोतरी की वजह से लोगों में इस मुद्रा के प्रति बहुत आकर्षण है.

इथेरियम (Ethereum) भी एक ओपन सोर्स, डी-सेंट्रलाइज्ड और ब्लॉकचेन पर आधारित डिजिटल करेंसी है. इसके संस्थापक का नाम है Vitalik Buterin. इसके क्रिप्टो करेंसी टोकन को ‘Ether’ भी कहा जाता है. बिटकॉइन के बाद ये दूसरी सबसे प्रसिद्ध क्रिप्टो करेंसी है.

लाइटकॉइन (Litecoin) भी एक डिसेंट्रलाइज तकनीक से उपजी डिजिटल मुद्रा है, जिसे एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की मदद से तैयार किया गया है. इसके संस्थापक चार्ल्स ली (Charles Lee) हैं जो गूगल में काम कर चुके हैं. इसके बहुत सारे फीचर Bitcoin से मिलते-जुलते हैं.

डॉग कॉइन (Dogecoin) बनने की कहानी काफी रोचक है. बिटकॉइन का मजाक उड़ाने के लिए कुत्ते से उसकी तुलना की गई, जिसने आगे चलकर एक Cryptocurrency का रूप ले लिया. डॉग कॉइन के संस्थापक का नाम है बिली मार्कुस (Billy Markus). इन दिनों इस करेंसी की मार्केट वैल्यू बहुत अच्छी है.

टीथर (Tether) एक बड़ी और स्थिर मुद्रा है. यह क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के इच्छुक लोगों के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है.

क्रिप्टो करेंसी कैसे और कहां से खरीदें?
हमें उम्मीद है कि ईटी हिंदी के इस लेख से आपको क्रिप्टो करेंसी के बारे में बुनियादी जानकारी मिल गई होगी. अगर आप क्रिप्टो करेंसी में निवेश करना चाहते हैं तो एक डिजिटल करेंसी होने की वजह से आपको ऑनलाइन ही इसमें निवेश करना होगा. ऐसे बहुत सारे प्लेटफॉर्म हैं जहां पर जाकर आप क्रिप्टो करेंसी की मौजूदा कीमत का पता लगा सकते हैं और उसे खरीद या बेच सकते हैं.

कुछ प्रमुख क्रिप्टो करेंसी खरीदने बेचने वाली ऑनलाइन वेबसाइट के बारे में हम आगे बता रहे हैं. इन सभी वेबसाइट पर आप अपना अकाउंट बनाकर क्रिप्टो करेंसी क्रिप्टो के बारे में कुछ शब्द खरीद या बेच सकते हैं. इनमें से कुछ ने अपना मोबाइल ऐप भी लॉंच कर रखा है, जिसे इंस्टॉल करके आप अपने मोबाइल से भी क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर सकते हैं.

1. कॉइनस्विच (CoinSwitch)
2. वजीरएक्स (Wazirx)
3. यूनोकॉइन (Unocoin)
4. जेबपे (Zebpay)
5. कॉइनबॉक्स (Coinbox)
6. बीटीसीएक्सइंडिया (BTCxIndia)
7. लोकलबिटकॉइन (LocalBitcoin)

क्रिप्टो करेंसी (Cryptocurrency) खरीदने से पहले जरूरी एहतियात
ध्यान रखें अगर आप किसी ऐप के जरिये क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर रहे है तो इस बात की पड़ताल अवश्य कर लें कि जिस ऐप में आप निवेश कर रहे है वह सुरक्षित है या नहीं. इसकी एक वजह यह है कि हैकर्स मिलते-जुलते नामों वाली बहुत से स्पैमिंग वाले ऐप भी बना देते हैं, जिनकी वजह से आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.

आप अपनी मर्जी से किसी भी क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर सकते हैं, मगर निवेश करने से पहले उस डिजिटल करेंसी की हिस्ट्री, मौजूदा कीमत और पिछले कुछ महीनों में आए उतार-चढ़ाव के बारे में आवश्यक जानकारी हासिल करें ताकि निवेश से पहले आप उससे जुड़े हर प्रकार के जोखिम को भली-भांति समझ सकें.

क्रिप्टो करेंसी पर भारत सरकार की कोई स्पष्ट पॉलिसी नहीं है, ऐसी स्थिति में वित्तीय जोखिम आपको ही लेना होगा. इसलिए बेहतर होगा कि आप निवेश से पहले इसके जोखिम का मूल्यांकन कर लें और उसी के अनुसार निवेश करें.

क्रिप्टो करेंसी पर ज्यादा रिटर्न मिलने के कारण स्कैम भी बढ़ गए है, ऐसे में निवेशकों को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है. क्रिप्टो करेंसी और क्रिप्टो एक्सचेंज का संचालन कौन कर रहा है, इस बारे में भी जानकारी हासिल करें. सोशल मीडिया और ऑनलाइन ओपिनियन व रिव्यू के माध्यम से विश्वसनीयता परखी जा सकती है.

इस बात का ध्यान रखें कि अपने पोर्टफोलियो में क्रिप्टो करेंसी की हिस्सेदारी सीमित ही रखें. यह भी समझते और सीखते रहें कि किन फैक्टर का क्रिप्टो करेंसी की कीमतों पर असर पड़ता है.

सब पूछ रहे Crypto Tax से जुड़े ये 5 बड़े सवाल, अब खुद वित्त मंत्रालय ने दिए जवाब

Tax on Cryptocurrency in India: फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के बजट में डिजिटल एसेट्स से होने वाली इनकम पर 30% का टैक्स लगाने की बात कही गई है. फाइनेंस मिनिस्ट्री के सीनियर अधिकारियों ने इससे जुड़े कई सवालों के जवाब दिए हैं.

डिजिटल करेंसी से होने वाली इनकम पर सरकार ने लगाया है टैक्स.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 फरवरी 2022,
  • (अपडेटेड 05 फरवरी 2022, 5:59 PM IST)
  • टैक्स लगाने का मतलब क्रिप्टो को वैध करना नहीं
  • एग्री इनकम छोड़कर हर इनकम है टैक्सेबल

फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के बजट में भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भारी-भरकम टैक्स (Tax on Cryptocurrency) का ऐलान किया गया. फाइनेंस बिल 2022-23 में अन्य प्रावधानों के साथ-साथ कहा गया है कि इनकम टैक्स एक्ट में एक नया सेक्शन (115BBH) जोड़ा जाएगा. यह सेक्शन वर्चुअल डिजिटल करेंसी से होने वाली इनकम पर 30 फीसदी की दर से इनकम टैक्स (Income Tax) की वसूली से संबंधित है. इसकी घोषणा को लेकर देशभर में क्रिप्टो के फ्यूचर और नए टैक्स को लेकर कई तरह के सवाल पैदा हो गए.

'बिजनेस टुडे' टेलीविजन के सिद्धार्थ जराबी और साक्षी बत्रा ने इस बारे में फाइनेंस मिनिस्ट्री के सीनियर ऑफिसर्स के साथ इन विषयों पर विस्तार से चर्चा की. पेश है बातचीत का संपादित अंश

सवालः सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स लगाकर क्या उसे वैध कर रही है?
सीबीडीटी के चेयरमैन जे.बी. महापात्र का जवाबः आपके इस सवाल का जवाब है - ना. टैक्स लगाने का मतलब क्रिप्टो ट्रेडिंग या उससे होने वाले किसी तरह के फायदे या नुकसान को कानूनी रूप से वैध बनाना नहीं है. एक विभाग के तौर पर हम किसी बिजनेस या किसी भी सेक्टर के बिजनेस, किसी प्रोफेशन या फिर ट्रांजैक्शन की वैधता पर सवाल नहीं उठा सकते हैं. हमें ट्रेड के बाद टैक्सेशन के पहलू को देखने का अधिकार प्राप्त है.

सवालः भारत के क्रिप्टोकरेंसी का इकोसिस्टम कितना बड़ा है?
महापात्रः हमें भारत में काम कर रहे कुछ एक्सचेंज के बारे में जानकारी है. ऐसा कहा जा रहा है कि इनकी संख्या 40 है. इनमें से 10 बड़े एक्सचेंज हैं. सबसे बड़े एक्सचेंज का टर्नओवर 34,000 करोड़ रुपये है. ऐसे में कहा जा सकता है कि मार्केट का आकार काफी बड़ा है. अपुष्ट रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 10 करोड़ लोगों ने किसी-ना-किसी रूप में क्रिप्टो में इंवेस्ट किया है. यह रकम काफी कम से काफी अधिक है. हमें यह जानने में कोई दिलचस्पी नहीं है कि निवेश की रकम छोटी है या बड़ी है. हमें क्वालिटी और इंवेस्टमेंट के सोर्स को लेकर इंटरेस्ट है. हम ऐसा यह देखते हैं कि इनकम का सोर्स वैध है या अवैध. अगर अवैध सोर्स से हुई कमाई को निवेश किया गया है तो ना सिर्फ ट्रेड से होने वाले फायदे पर टैक्स लगता है बल्कि पूरे अवैध इंवेस्टमेंट पर भी टैक्स लग जाता है. इस तरह इनकम टैक्स से क्रिप्टो मार्केट में एक तरह का ऑर्डर या अनुशासन लाया जा सकता है.

सवालः वर्चुअल डिजिटल एसेट्स क्या हैं?
महापात्रः आईटी एक्ट के 247A में डिजिटल एसेट्स (Digital Assets) को परिभाषित किया गया है. सिंपल शब्दों में कहा जा सकता है कि क्रिप्टोग्राफिक तरीके से जेनरेट किया गया कोई भी कोड या कोई भी इंफॉर्मेशन या कोई भी फॉर्मूला जिसमें कोई निहित मूल्य है और जिसे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ट्रांसमिट या स्टोर किया जा सकता है, उसे डिजिटल एसेट्स कहा जा सकता है. इसमें NFT भी शामिल है.

सवालः क्या 30 फीसदी टैक्स की दर बहुत ज्यादा नहीं है?
महापात्रः मुझे नहीं लगता है कि टैक्स की यह दर बहुत ऊंची है. कंपनियों से भी 30 फीसदी का टैक्स लिया जा रहा है. फर्म और एलएलपी से भी इसी रेट से टैक्स लिया जाता है.

सवालः कानून के बिना क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स क्यों?
वित्त सचिव टी. वी. सोमनाथनः इनकम टैक्स एक्ट में कृषि से होने वाली इनकम को छोड़कर किसी भी अन्य इनकम को टैक्स के दायरे से बाहर नहीं रखा गया है. क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली इनकम इस कानून से पहले भी टैक्सेबल है, आज भी है और एक अप्रैल के बाद भी रहेगी. केवल टैक्स का रिजीम बदल रहा है. यह एक अप्रैल से पहले भी टैक्सेबल है लेकिन 30 फीसदी की दर से नहीं है. अभी यह बिजनेस इनकम या कैपिटल गेन जैसे इनकम के क्लासिफिकेशन पर बेस्ड है. ऐसे में टैक्स को लेकर स्पष्टता लाने के लिए इसमें यह बदलाव किया गया है. लीगल और अनरेग्युलेटेड इनकम दोनों टैक्सेबल है. यहां तक कि अवैध आय भी टैक्सेबल है. अगर कोई आईएएस अधिकारी रिश्वत लेता है तो वह भी टैक्सेबल है. हालांकि, क्रिप्टो अवैध नहीं है.

2022 में प्रचलित 10 एडवांस क्रिप्टो शब्द जिन्हें जानना जरूरी है

प्रतीकात्मक तस्वीर

क्रिप्टो से जुड़ी मूल बातें समझने के लिए, क्रिप्टो से संबंधित एडवांस शब्दों को जानना और समझना जरूरी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated : February 28, 2022, 15:08 IST

क्रिप्टो जगत सतत विकास के साथ अनिश्चित गति से चलता है. इससे संबंधित नए शब्द लगातार जुड़ते जा रहे हैं. क्रिप्टो से जुड़ी मूल बातें समझने के लिए, क्रिप्टो से संबंधित एडवांस शब्दों को जानना और समझना जरूरी है. यह न केवल आपकी जानकारी बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में निवेश का बेहतर निर्णय लेने में भी आपकी मदद करेगा.

इस बात को ध्यान में रखते हुए यहां 10 एडवांस क्रिप्टो एसेट के बारे में बताया गया है, जिन्हें 2022 में आपको जरूरी जानना चाहिए.

1 – स्कैल्पिंग
आमतौर पर शेयर बाजार के निवेशक क्रिप्टो में स्कैल्पिंग को डे-ट्रेडिंग के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. स्कैल्पिंग का मूल विचार यह है कि अपने क्रिप्टो निवेश पर बड़े रिटर्न का इंतज़ार करने से दैनिक आधार पर छोटे लेकिन लगातार लाभ इकट्ठा करना बेहतर क्रिप्टो के बारे में कुछ शब्द होता है. इसके अलावा क्रिप्टो स्कैल्पर कहे जाने वाले ट्रेडर, मुख्य रूप से कॉइन और कंपनियों के तकनीकी विश्लेषण पर भरोसा करते हैं, न कि डे-ट्रेडर द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली मूलभूत तकनीकों पर. अगर आप क्रिप्टो स्कैल्पर बनकर लाभ कमाना चाहते हैं तो कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न के बारे में जानें, चार्ट पढ़ें और सपोर्ट व रेजिस्टेंस के लेवल को समझें.

2 – हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग
हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग या HFT, ट्रेडिंग का एक रूप है जिसमें बड़े ऑर्डर के ट्रांजैक्शन में एडवांस कंप्यूटर सिस्टम की तेजी का लाभ उठाया जाता है. ये सिस्टम जटिल एल्गोरिदम वाले प्रोग्राम का उपयोग करके कई मार्केट का विश्लेषण करते हैं और मार्केट की स्थितियों के आधार पर ऑर्डर एग्जीक्यूट करते हैं. ट्रेडिंग के इस तरीके को अपनाने के कुछ फायदे और नुकसान हैं जिनके बारे में जानने के लिए, इस विषय को गहराई से समझना जरूरी है.

3 – नॉन्स
नॉन्स, केवल एक बार उपयोग की जाने वाली संख्या का छोटा रूप है. यह खास क्रिप्टोग्राफिक प्रोसेस में सिर्फ एक बार इस्तेमाल की जाने वाली संख्या है. गहराई से जानने पर आपको ‘हेडर हैश’ और ‘गोल्डन नॉन’ जैसे शब्द भी मिलेंगे जिनका संबंध किसी ब्लॉक को माइन करने और उसे ब्लॉकचेन में जोड़ने से है. वास्तव में अगर आप क्रिप्टो माइनर बनना चाहते हैं तो नॉन्स और उसके काम करने के तरीके को समझना जरूरी है.

4 – हार्ड फोर्क और सॉफ्ट फोर्क
प्रोग्रामिंग शब्दों में फोर्क, ओपन-सोर्स कोड के संशोधन को संदर्भित करता है. क्रिप्टो जगत में, आमतौर पर ब्लॉकचेन सिस्टम में बुनियादी बदलाव को परिभाषित करने के लिए हार्ड फोर्क का इस्तेमाल किया जाता है. यह बदलाव पुराने वर्शन को अमान्य कर देता है, ताकि भ्रम और त्रुटियों से बचा जा सके. दूसरी ओर, सॉफ्ट फोर्क का इस्तेमाल, ब्लॉकचेन में ऐसे बदलाव को दर्शाने के लिए किया जाता है जो पुराने वर्शन के साथ काम करता है. ज्यादातर मामलों में ये ब्लॉकचेन में एक छोटे से फंक्शन या कॉस्मेटिक बदलाव को जोड़ने से संबंधित होते हैं.

5 – DEX
DEX का मतलब है डीसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज, जो उपयोगकर्ताओं को सेंट्रलाइज्ड मध्यस्थ के बिना स्मार्ट अनुबंधों और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के ज़रिए कॉइन और टोकन के लेन-देन की अनुमति देता है. यह आपको एक क्रिप्टो एसेट के मालिक के रूप में अपने फंड और प्राइवेट-की पर अधिकार बनाए रखने की सुविधा देता है, ताकि आप तय कर सकें कि आपके निवेश लक्ष्यों के लिए ट्रेडिंग का सबसे अच्छा तरीका कौन सा है. DEX में सेंट्रलाइज्ड बिचौलियों की तुलना में हैकिंग का खतरा कम होता है.

6 – एवरेज ट्रू रेंज
एवरेज ट्रू रेंज (ATR), क्रिप्टो मालिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक को हल करने में मदद करता है, जिससे उन्हें उतार-चढ़ाव को मापने और मुनाफे को अधिकतम करने के लिए सही मार्केट खोजने में मदद मिलती है. ATR, खरीदने या बेचने का सिग्नल नहीं देता है. यह क्रिप्टो ट्रेडिंग के लिए उतार-चढ़ाव को उसी तरह मापता है जिस तरह से यह विदेशी मुद्रा और स्टॉक ट्रेडिंग में मापता है. ATR इस बारे में जानकारी देता है कि किसी खास अवधि में एसेट की वैल्यू कितनी बढ़ सकती है. इस जानकारी का इस्तेमाल, क्रिप्टो एसेट की ओपन पोजीशन को मैनेज करने के साथ-साथ स्टॉप-लॉस तय करने में किया जा सकता है.

7 – स्केलेबिलिटी ट्राइलेमा
स्केलेबिलिटी ट्राइलेमा को Ethereum के निर्माता विटालिक ब्यूटिरिन द्वारा बनाया गया है. यह उन ट्रेडऑफ को संदर्भित करता है जिनकी सुविधा मुहैया कराने के लिए, डेवलपर को ब्लॉकचेन में अधिकतम सुविधाएं जोड़ना होता है. ट्राइलेमा हर बिंदु पर तीन मुख्य ब्लॉकचेन विशेषताओं के साथ एक त्रिकोण को संदर्भित करता है – स्केलेबिलिटी, डीसेंट्रलाइजेशन और सुरक्षा. हर घटक ठीक से काम करे, इसके लिए आवश्यक ट्रेडऑफ क्रिप्टो एसेट, अधिक से अधिक जटिल परिवर्तनों से गुजरता है.

8 – FUD
FUD, ‘डर, अनिश्चितता और संदेह’ के लिए एक संक्षिप्त शब्द है. इसे निवेशकों और ट्रेडर को प्रभावित करने वाली भावनाएं माना जाता है. कुछ दलों को ऐसे व्यक्तियों के व्यवहार में हेरफेर करने और जल्दी पैसा बनाने के लिए उनके पूर्वाग्रहों का फायदा उठाने के लिए जाना जाता है. क्रिप्टो उपयोगकर्ताओं के लिए आमतौर पर FUD के बारे में यह बात तब की जाती है, जब दुर्भावनापूर्ण व्यक्ति, वास्तविक निवेशकों की FUD प्रतिक्रियाओं से खिलवाड़ करके किसी खास क्रिप्टोकरेंसी या यहां तक ​​कि पूरे क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू को ठेस पहुंचाते हैं.

9 – मेमपूल
मेमपूल, ब्लॉकचेन लेनदेन का एक ग्रुप है. इसमें हर निवेशक, किसी ब्लॉक में जोड़े जाने का इंतज़ार करता है. यह शब्द मेमोरी पूल शब्द का छोटा रूप है और ब्लॉकचेन में जोड़े जाने से पहले, मौजूद नोड का सत्यापन और उनकी जांच प्रक्रिया की जानकारी देता है.

10 – टोकनोमिक्स
इकोनोमिक्स का एडवांस रूप है- टोकनोमिक्स. यह ‘टोकन’ और ‘इकोनोमिक्स’ से मिलकर बना है जो डिजिटल एसेट, विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी और उनकी वैल्यू के अध्ययन को दिखाता है. इसमें, टोकन बनाने वालों, आवंटन और डिस्ट्रीब्यूशन के तरीकों, मार्केट कैपिटलाइजेशन, बिजनेस मॉडल, कानूनी स्थिति और विभिन्न तरीकों से किया जाने वाला अध्ययन बड़े पैमाने पर होता है. इसमें अलग-अलग टोकन, बड़े इकोनोमिक इकोसिस्टम में इस्तेमाल होते हैं, क्योंकि इससे क्रिप्टो को ज़्यादा मान्यता मिलती है.

अगर आप क्रिप्टो टोकन और इससे जुड़े एसेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो आपके लिए इन सभी शब्दों को समझना और उनका पालन करना थोड़ा मुश्किल होगा. निवेश की इस नई कैटगरी की बेसिक बातें सीखकर ही इसमें निवेश करना बेहतर होगा. निवेश शुरू करने के लिए, ZebPay जैसे भरोसेमंद और सुरक्षित क्रिप्टो एसेट एक्सचेंज चुनें. हमारा सुझाव है कि क्रिप्टो एसेट की विशाल सूची, क्रिप्टो स्पेस में लंबे अनुभव और मजबूत सुरक्षा तंत्र की वजह से ZebPay को चुनें. अपना खाता खोलने के लिए यहां क्लिक करें.

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Cryptocurrency क्या है, Popular cryptocurrencies in Hindi

(Cryptocurrency in Hindi) is a digital currency, secured by cryptography and based on blockchain technology.

Cryptocurrency

क्रिप्टो करेंसी क्या है (Cryptocurrency in Hindi)

क्रिप्टो करेंसी एक डिजिटल, क्रिप्टोग्राफ़ी द्वारा सुरक्षित और ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी पर आधारित मुद्रा है।

Cryptocurrency is a digital, cryptographically secured and blockchain technology based currency.

क्रिप्टो करेंसी का मतलब | Cryptocurrency Meaning in Hindi

टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से बदल रही है जिससे लोगों के काम करने, संवाद करने, खरीदने और भुगतान करने का तरीका भी बदल गया है। यह सब समय के साथ बढ़ती टेक्नोलॉजी के साथ साथ बदलता रहता है।

आज के समय में लोगों ने कैश रखना बहुत कम कर दिया है जो लेनदेन हो रहे है उसमें ज्यादातर डिजिटल होते है, और यह डिजिटल लेनदेन आम जनमानस का हिस्सा बन गए है। कॉर्पोरेट्स और कंस्यूमर धीरे धीरे कैश से लेनदेन कम करते जा रहे हैं और स्मार्टफोन ने इस डिजिटल लेनदेन की प्रक्रिया को आसान और तेज कर दिया है।

डिजिटल लेनदेन के साथ डिजिटल करेंसी भी पैर जमा रही है, यह डिजिटल करेंसी क्रिप्टोकरेंसी है।

क्रिप्टोकरेंसी शब्द की उत्पत्ति | Origin of Cryptocurrency word in Hindi

क्रिप्टोकरेंसी शब्द कह सकते हैं नया शब्द है, जो 21 वीं सदी की शुरुआत से ही आया है। यह दो शब्दों – ग्रीक शब्द ‘kryptos’ जिससे ‘क्रिप्टो’ लिया गया है जिसका अर्थ है ‘छिपा हुआ या गुप्त’ और लैटिन शब्द ‘currere’ जिससे ‘करेंसी’ लिया गया है जिसका अर्थ है ‘चलाना’ से मिलकर बना है।

क्रिप्टोकरेंसी कैसे काम करती है? | How Does Cryptocurrency Work in Hindi?

क्रिप्टो करेंसी डिजिटल मनी है जिसे आप छू नहीं सकते, जेब में नहीं रख सकते यानी यह करेंसी का डिजिटल रूप है और यह पूरी तरह से ऑनलाइन है। इसे क्रिप्टोग्राफी द्वारा सुरक्षित किया जाता है। क्रिप्टो के बारे में कुछ शब्द कई क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी पर आधारित हैं और इनकी कोई भी सेंट्रल अथॉरिटी नहीं है।

क्रिप्टोक्यूरेंसी एक नयी डिजिटल भुगतान प्रणाली है जिसका लेनदेन का सत्यापन बैंकों पर निर्भर नहीं होता है और क्रिप्टोक्यूरेंसी का इस्तेमाल वस्तुओं और सेवाओं के भुगतान के लिए ऑनलाइन आदान-प्रदान किया जा सकता है।

पहली क्रिप्टोक्यूरेंसी 2009 में आयी और एक दशक से भी कम समय में दुनिया भर में अरबों डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन में है। शायद आपने बिटकॉइन के बारे में सुना हो यह पहली क्रिप्टोकरेन्सी थी और उसे लोगों ने स्वीकार किया और उसके बाद अन्य क्रिप्टोकरेंसी आयी जो धीरे धीरे पॉपुलर हो रही हैं। आज के समय में लोग क्रिप्टोकरेंसी को ज्यादातर ऑनलाइन ट्रेड में लाभ के लिए इस्तेमाल करते हैं।

करेंसी किसे कहते हैं | What is Currency in Hindi

हर देश की अपनी मुद्रा (Currency) होती है जैसे कि अमेरिका की डॉलर, यूरोपियन यूनियन की यूरो, भारत की रुपया, पाकिस्तान की पाकिस्तानी रुपया, चीन की युआन है यानी एक ऐसी भुगतान प्रणाली जो किसी देश द्वारा मान्य/अधिकृत हो और वहां के लोग इसके इस्तेमाल से चीजें खरीद सकते हों, जिसकी कोई वैल्यू हो, करेंसी (Currency) कहलाती है।

क्रिप्टोकरेंसी कितनी सुरक्षित है? | How secure is Cryptocurrency in Hindi?

ज्यादातर क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का उपयोग करके बनाई जाती है। ब्लॉकचेन डिजिटल कोड में लेनदेन को रिकॉर्ड करता है। यह एक काफी जटिल, तकनीकी प्रक्रिया है जिससे हैकर्स के लिए छेड़छाड़ करना मुश्किल है।

इसके अलावा, क्रिप्टोकरेंसी में लेनदेन के लिए two-factor authentication की प्रक्रिया भी होती है। जैसे, लेनदेन शुरू करने के लिए आपको Username और Password दर्ज करने के लिए कहा जा सकता है। या फिर, आपको एक authentication code दर्ज करना पड़ सकता है जो आपके व्यक्तिगत मोबाइल फ़ोन पर टेक्स्ट के माध्यम से आता है।

डिजिटल मुद्रा कहाँ स्टोर कर सकते हैं? | Where can you store Digital Currency in Hindi?

यदि आप क्रिप्टोकरेंसी खरीदते हैं, तो आप इसे क्रिप्टो एक्सचेंज पर या क्रिप्टो डिजिटल वॉलेट में स्टोर कर सकते हैं। कई अलग-अलग प्रकार के वॉलेट हैं, प्रत्येक के अपने फायदे और सुरक्षा हैं।

सबसे लोकप्रिय क्रिप्टो करेंसी कौन सी हैं? | What are the most popular Crypto Currencies?

इसमें कोई शक नहीं कि सबसे पॉपुलर क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन है। बिटकॉइन (Bitcoin) अब तक की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी है, इसके बाद एथेरियम(Ethereum), लाइटकॉइन (Litecoin) और टीथर (Tether) जैसी अन्य क्रिप्टोकरेंसी हैं।

bitcoin

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क्रिप्टो करेंसी के नाम | Cryptocurrency Names in Hindi

Bitcoinबिटकॉइन
Ethereumएथेरियम
Litecoinलाइटकॉइन
Binance Coinबिनेंस कॉइन
Cardanoकार्डानो
Dogecoinडॉगकॉइन
Polka Dotपोल्का डॉट
Uniswapयूनिस्वैप
Rippleरिपल
Dashडैश
Tetherटीथर
Crypto Currency Names in Hindi

Popular Crypto Currency

Popular Crypto Currency

भारत में क्रिप्टोक्यूरेंसी कानूनी है? | Cryptocurrency legal in India in Hindi?

अभी भारत में बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी गैर कानूनी नहीं हैं, लेकिन रेगुलेटेड भी नहीं हैं इसका मतलब अगर क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन में कुछ भी गलत होता हैं तो आप किसी अथॉरिटी, बैंक और सरकार के पास नहीं जा सकते।

भारत में निजी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन सरकार के पास कोई आधिकारिक डेटा नहीं है। और सरकार के पास इन एक्सचेंजों से जुड़े निवेशकों की संख्या के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है।

Question for you?

टेक्नोलॉजी हमेशा ही जन मानस की उत्सुकता को बढ़ाती रही है आप क्या कहते है की क्रिप्टोकरेंसी के साथ कैसे आगे बढ़ना चाहिए। कमेंट करिये-

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